करोड़ों CCTV कैमरे खतरे में? Qubo CEO का बड़ा खुलासा – “आपकी फुटेज भी हो सकती है हैक!”

भारत में CCTV कैमरा अब सिर्फ मॉनिटरिंग का साधन नहीं रहा है। यह हमारी सेफ्टी, डेटा प्राइवेसी और यहां तक कि नेशनल सिक्योरिटी का अहम हिस्सा बन चुका है। हाल ही में सरकार ने चीन से जुड़े कैमरों और असुरक्षित डिवाइसेज़ पर सख्ती दिखाई है और नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स लागू किए हैं।

इसी मुद्दे पर Qubo के फाउंडर और CEO निखिल राजपाल ने aajtak.in से खास बातचीत की। उन्होंने कई अहम बातें बताईं, जो इस बदलाव को समझने के लिए बेहद जरूरी हैं।

यह भी पढ़ें: 1 अप्रैल से नया CCTV नियम लागू: घर पर लगा है कैमरा या खरीदना है तो जरूर जान लें


Qubo क्या है और क्यों चर्चा में है?

Qubo, हीरो ग्रुप की एक कंपनी है। यह कंपनी होम अप्लायंस और स्मार्ट डिवाइसेज़ बनाती है। भारत में इसके CCTV कैमरे काफी लोकप्रिय हैं। इसी वजह से इनके CEO की बातों को गंभीरता से लिया जा रहा है।


“ज्यादातर CCTV कैमरे आसानी से हो सकते हैं हैक”

अगर मार्केट की बात करें, तो स्थिति थोड़ी डराने वाली है। Qubo CEO के अनुसार, पिछले साल भारत में करीब 4 से 5 करोड़ CCTV कैमरे बिके। लेकिन इनमें से बड़ी संख्या ऐसे कैमरों की थी जिनमें मजबूत एन्क्रिप्शन नहीं था।

सीधे शब्दों में कहें तो इन कैमरों की वीडियो फीड को हैक करना या उसमें छेड़छाड़ करना ज्यादा मुश्किल नहीं था।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि ये कैमरे सिर्फ घरों में ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट, सरकारी दफ्तर और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी जगहों पर भी लगे हुए थे।

यही वजह है कि सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े। CEO का कहना है कि नए नियम सिर्फ औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं।


अब CCTV कैमरों के लिए नए सख्त नियम

सरकार ने अब यह अनिवार्य कर दिया है कि CCTV कैमरों का सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों ट्रस्टेड सोर्स से हों

साथ ही, कैमरों में ऐसा मजबूत एन्क्रिप्शन होना चाहिए जिसे आसानी से तोड़ा न जा सके।

इसका मकसद साफ है – देश में इस्तेमाल हो रहे CCTV सिस्टम को सुरक्षित बनाना।

यह भी पढ़ें: चीनी CCTV कैमरा बैन के बाद आपके पास इन कैमरों का है विकल्प


पुराने लगे कैमरों का क्या होगा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो कैमरे पहले से लगे हुए हैं, उनका क्या?

निखिल राजपाल के अनुसार, इसका सीधा जवाब देना आसान नहीं है। लेकिन उनका मानना है कि अब फोकस भविष्य पर होना चाहिए।

नए नियम लागू होने के बाद बाजार में आने वाले कैमरे ज्यादा सुरक्षित होंगे। इससे यूजर्स को पहले की तुलना में कम चिंता करनी पड़ेगी।


“Made in India” पर Qubo CEO की सफाई

इस पूरे मुद्दे के बीच “Made in India” की चर्चा भी तेज हो गई है।

Qubo CEO ने कहा कि आज के समय में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट की असली ताकत सिर्फ हार्डवेयर नहीं होती, बल्कि उसका सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, क्लाउड और ऐप्स ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।

उन्होंने बताया कि Qubo का पूरा टेक्नोलॉजी स्टैक भारत में बना है।

  • सॉफ्टवेयर भारत में डेवलप होता है
  • क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर मुंबई में है
  • ऐप्स भी कंपनी खुद बनाती है

हालांकि हार्डवेयर के कुछ पार्ट्स ग्लोबल सोर्स से आते हैं, लेकिन डिजाइन और कंट्रोल पूरी तरह कंपनी के पास होता है।


क्या कोई आपके घर की CCTV फुटेज देख सकता है?

यह सवाल हर यूजर के मन में आता है – क्या कोई और हमारी कैमरा फीड देख सकता है?

इस पर CEO का जवाब साफ है।

उनका कहना है कि नए नियमों के बाद, खासकर जो प्रोडक्ट्स इन स्टैंडर्ड्स को फॉलो करते हैं, उनमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन होता है।

इसका मतलब:

  • आपकी वीडियो फीड सिर्फ आप देख सकते हैं
  • कंपनी भी इसे एक्सेस नहीं कर सकती
  • कोई थर्ड पार्टी या हैकर भी इसे नहीं देख सकता

Qubo का दावा है कि वह इस नए स्टैंडर्ड को पूरा करने वाली पहली कंपनियों में शामिल है।


भारत का CCTV मार्केट बदल रहा है

अगर पूरे मामले को देखें, तो भारत का CCTV मार्केट अभी एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

एक तरफ सस्ते और असुरक्षित कैमरों का दौर खत्म हो रहा है।
दूसरी तरफ सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड और भरोसेमंद डिवाइसेज़ का नया सिस्टम बन रहा है।

आने वाले समय में यही तय करेगा कि आपका CCTV कैमरा सिर्फ सुरक्षा का साधन है या आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा।


पूरा इंटरव्यू: सवाल-जवाब में समझें पूरी बात

सवाल 1:

अगर TP-Link और Hikvision जैसे ब्रांड्स पर बैन लगता है, तो क्या हम सच में सिक्योरिटी सुधार रहे हैं या सिर्फ निर्भरता बदल रहे हैं?

जवाब:
सरकार ने जो कदम उठाया है, उसे समझना जरूरी है। पिछले साल 4-5 करोड़ कैमरे बिके, लेकिन उनमें साफ एन्क्रिप्शन स्टैंडर्ड नहीं थे। ये कैमरे हर जगह इस्तेमाल हो रहे थे और इन्हें आसानी से हैक किया जा सकता था। इसलिए नए नियम लाकर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों में सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।


सवाल 2:

आप अपने प्रोडक्ट्स को Made in India कहते हैं, लेकिन असल में कितना भारत में बनता है?

जवाब:
आज के समय में प्रोडक्ट सिर्फ हार्डवेयर नहीं होता। सॉफ्टवेयर, क्लाउड और ऐप्स ज्यादा अहम हैं। हमारा पूरा टेक्नोलॉजी स्टैक भारत में बना है। हार्डवेयर पार्ट्स ग्लोबल हो सकते हैं, लेकिन डिजाइन और कंट्रोल हमारा ही है।


सवाल 3:

आज कितने घर ऐसे हैं जहां CCTV कैमरे बिना जानकारी के एक्सेस हो सकते हैं?

जवाब:
यह बताना मुश्किल है। उम्मीद है संख्या जीरो हो, लेकिन करोड़ों कैमरे बिके हैं। इसलिए अब फोकस भविष्य पर होना चाहिए ताकि आगे के कैमरे सुरक्षित हों।


सवाल 4:

अगर मैं आज CCTV लगाता हूं, तो मेरी फुटेज कौन देख सकता है?

जवाब:
अगर कैमरा नए स्टैंडर्ड्स फॉलो करता है, तो सिर्फ आप ही अपनी फुटेज देख सकते हैं। कंपनी या कोई थर्ड पार्टी इसे एक्सेस नहीं कर सकती।


सवाल 5:

जो पुराने कैमरे लगे हैं, क्या वे खतरा हैं?

जवाब:
यह स्थिति थोड़ी जटिल है। करोड़ों कैमरे पहले से लगे हैं। लेकिन नए नियमों के बाद यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में आने वाले कैमरे पूरी तरह सुरक्षित हों।


निष्कर्ष:
भारत में CCTV कैमरों को लेकर बड़ा बदलाव हो रहा है। अगर आप नया कैमरा खरीदने जा रहे हैं, तो अब सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि सिक्योरिटी फीचर्स भी जरूर देखें। क्योंकि यह सिर्फ निगरानी का नहीं, आपकी प्राइवेसी का भी सवाल है।

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